
देशभर में आस्था और श्रद्धा का महापर्व छठ धूमधाम से मनाया जा रहा है। जगह-जगह घाटों पर भक्तों की भीड़ उमड़ी हुई है।
वहीं देहरादून में भी कई स्थानों पर छठ पर्व का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला नदियों और तालाबों के किनारे भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।महिलाएँ पारंपरिक वेशभूषा में सजे सूर्य देवता को अर्घ्य अर्पित करती नज़र आईं, तो वही सूर्यास्त के समय श्रद्धालु परिवारों संग घाटों पर पहुँचे और अस्त होते सूर्य को नमन कर भगवान सूर्य से सुख-समृद्धि की कामना की।

देहरादून में इस अवसर पर छठ पूजा का उत्साह और गीत गूंजते रहे।।वही छठ मईया का निर्जला व्रत क्यों रखते है उसकी क्या महत्वता है पूर्वांचल के रहने वाली अलका सिंह ने बताया कि उनकी भी मनोकामना पूरी हुई है और वो पिछले 14 सालों से छठ का उपवास रखती हैं छठ मईया का निर्जला व्रत रखने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है वही पूर्वांचल के ही रहने वाले सुमंत जी बताते हैं कि ये महापर्व है जिसमे निर्जल उपवास के साथ ही एक दिन पहले नदी तालाब में खड़े होकर सूर्यस्त के समय अर्घ दिया जाता है जबकि अगली सुबह उगते सूर्य को अर्घ देते हैं इसीलिए वो पूरे नियम के साथ पिछले 14 सालों से इस व्रत को भक्ति भाव के साथ रखती हैं इतना ही नही न केवल पूर्वांचल बिहार बल्कि अब देश भर में छठ पर्व को बड़े धूम धाम से मनाया जाता है





